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अयोध्या पर फैसले से पहले 6 हजार लोगों को पुलिस का 'रेड कार्ड', बरेली जोन की लिस्ट
November 7, 2019 • विशेष प्रतिनिधि

अयोध्या में 30 बम निरोधक दस्तों की तैनाती की गई है क्योंकि यह फैसले के वक्त देश का सबसे संवेदनशील इलाका होगा. यहां 12 नवंबर की रात से सभी मंदिरों और धर्मशालाओं को खाली कराया जाएगा. साथ ही स्थानीय नागरिकों के अलावा कोई भी बाहरी नागरिक इन जगहों पर नहीं रहेगा.

  • अयोध्या विवाद पर फैसला जल्द
  • यूपी में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
  • योगी ने बुलाई अधिकारियों की बैठक

अयोध्या विवाद पर जैसे-जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो रही है. वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं साथ ही योगी सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर आ चुका है. इस कड़ी सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. साथ ही अयोध्या पर फैसले के मद्देनजर लखनऊ महोत्सव की तारीख जनवरी के तीसरे सप्ताह तक के लिए बढ़ा दी गई है.

 

6 हजार लोगों को रेड कार्ड

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली ज़ोन में 6 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों को चिन्हित किया है जो फैसले के बाद उपद्रव कर सकते हैं. ऐसे शरारती तत्वों को रेड कार्ड जारी किया गया है जो कि एक तरह की चेतावनी है. इसके अलावा कई अस्थाई जेलें भी बनाई जा रही हैं. बरेली जोन के शहर शाहजहापुर, बदायूं, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और बिजनौर में 4 हजार से अधिक ऐसे लोग चिन्हित किये गए हैं, ये वो लोग है जो बबाल करवा सकते हैं. इसके अलावा 90 ऐसे स्थान चिन्हित किये गए है जो संवेदनशील हैं.

एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि जोन में सभी जगह शांति बनी रहे उसके लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है और ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है. सभी थानों में पीस कमेटी और पुलिस मित्रों की मीटिंग की जा रही है. इसके अलावा हर थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा की सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है. फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर भी नजर रखी जा रही है. उनका कहना है कि अगर किसी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अफवाह फैलाई, कोई विवादित टिप्पणी की तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा.